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शनिवार, 9 मई 2015

लघुकथा – अभी तक



लघुकथा – अभी तक

एक पुलिस कर्मी ने पटाखे की दुकानसे पटाखा पैक कराया और बिना भुगतान किये चल दिया | उसके जाने के बाद विक्रेता बुरीं गालियाँ देते हुए बोला- ‘’ इन हरामखोरों के कारण धंधा भी सहीं ढंग से नहीं कर सकते |’’

साथ ही में खड़े साथी ने उससे कहा- ‘’आपने बिल भुगतान करने को क्यों नहीं कहा ?’’

‘’साला लायसेंस माँगने लगता तो कहाँ से लाकर दिखाता .... जो मैंने अभी तक बनवाया नहीं है |’’